Email Subscription

Enter your E-mail to get
👇👇👇Notication of New Post👇👇👇

Delivered by FeedBurner

Followers

Showing posts with label #Election. Show all posts
Showing posts with label #Election. Show all posts

Friday, 23 April 2021

कोरोना से एकतरफा संवाद - Prakash Sah (काेराेना, शहर और मेरी मोहब्बत ❤️)


UNPREDICTABLE ANGRY BOY - www.prkshsah2011.blogspot.in


तुम्हें,  हम  भूल  गयें,  ऐसा  अभी  हम  कहने  वाले  ही थे

श्मशान में भीड़ है,  अरे! हम अख़बार में ये क्या पढ़ रहे हैं


जब  चुनाव  था,  शायद  तुम्हें  रिश्वत  से  भगाया  गया  था

तुम्हें उकसाया जा रहा, शायद वैक्सीन के दलाल कूद पड़े हैं


हम  एक  कमरे  में  बंद  सिर्फ  तुम्हें  ही  लिखे  जा  रहे हैं

वो  तुम्हीं  वज़ह हो  कि शहर-के-शहर  बंद  किए जा रहे हैं


जब  तुम  छूप-छूप  के  देखती  हो,  किसी  सांसों  के  सहारे

केवल  हम ही  नहीं,  सब  मुँह  छुपाए  तुमसे  भागे जा रहे हैं


तुम्हें,  हम  भूल  गयें,  ऐसा  अभी  हम  कहने  वाले  ही थे...

                                                                -प्रकाश साह
                                                                                                                                                                                          230421


आपकाे यह रचना कैसी लगी नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बतायें। और अगर मेरे लिए आपके पास कुछ सुझाव है तो आप उसे मेरे साथ जरूर साझा करें।     

🙏🙏 धन्यवाद!! 🙏🙏

Wednesday, 15 November 2017

चुनावी मौसम (Election Time) -ps

चुनावी मौसम



चुनाव का मौसम,
मतदान एक रश्म ।
18 से ऊपर के मतदाता,
आते चुनने अपना राष्ट्रनिर्माता ।
कर्तव्य निर्वहन
करते सब अपना अपना,
सबको प्यारा देश अपना ।
सपना किसका पूरा करते नेता,
यूँ ही चलता
पता नहीं किसको कितना हक मिलता ।
जो जीता वही सिकंदर,
वही सांसद होते संसद के अंदर ।
चुनते वे एक नेता होतें वह प्रधानमंत्री,
इनके ही इर्द-गिर्द होतें भिन्न-भिन्न मंत्री-संत्री ।

पाँच साल का काल
साल-दर-साल
नेता हुएं मालामाल ।
ऐसे ही चला
क्रम-दर-क्रम हर सरकार
जनता हुई बेहाल ।
कौन है इसका जिम्मेदार
हम या सरकार ?

जागरूक कौन होगा ?
एक कार्य पूर्ण कर